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बाल विकास के आयाम -
शारीरिक विकास
शारीरिक विकास किसी à¤à¥€ बालक का बाहà¥à¤¯ परिवरà¥à¤¤à¤¨ होता है। शारीरिक विकास के अंतरà¥à¤—त होने वाले परिवरà¥à¤¤à¤¨ बाहर से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से दिखाई देते हैं जैसे ऊंचाई का बढ़ना, शारीरिक अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में वृदà¥à¤§à¤¿ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ जीने हम सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से देख सकते हैं।
मानसिक विकास
मानसिक विकास को संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास à¤à¥€ कहते हैं। मानसिक विकास का अरà¥à¤¥ बालक के उन सà¤à¥€ मानसिक योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का विकास से है जिनके परिणाम सà¥à¤µà¤°à¥‚प बालक विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡ में अपनी मानसिक शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग कर पाता है।
सांवेगिक विकास
संवेग को à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ कहा जाता है। संवेग का अरà¥à¤¥ à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ से होता है जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। à¤à¤¯, कà¥à¤°à¥‹à¤§, घृणा, आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯, सà¥à¤¨à¥‡à¤¹, खà¥à¤¶à¥€ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ संवेग के उदाहरण है।
​संवेगातà¥à¤®à¤• विकास मानव वृदà¥à¤§à¤¿ à¤à¤µà¤‚ विकास का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पहलू है। बालक का संवेगातà¥à¤®à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° उसकी शारीरिक वृदà¥à¤§à¤¿ à¤à¤µà¤‚ विकास को ही नहीं बलà¥à¤•ि बौदà¥à¤§à¤¿à¤•, सामाजिक à¤à¤µà¤‚ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• विकास को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है।
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास का अरà¥à¤¥ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ या बालक के कारà¥à¤¯ करने की शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ या योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं के विकास से है।
​कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ हो या योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं का अरà¥à¤¥ होता है कि – à¤à¤¸à¥€ शारीरिक गतिविधियां जिनके संपनà¥à¤¨ करने के लिठमानसिक à¤à¤µà¤‚ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं की गतिविधियों के संयोजन की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। जैसे – चलना, बैठना, इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤
à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤¯à¥€ विकास
à¤à¤¾à¤·à¤¾ के विकास को à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार से संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤•, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास माना जाता है।
Language (à¤à¤¾à¤·à¤¾) के माधà¥à¤¯à¤® से बालक अपने मन के à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚, विचारों को à¤à¤• दूसरे के सामने रखता है à¤à¤µà¤‚ दूसरे के à¤à¤¾à¤µ, विचारों à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को समà¤à¤¤à¤¾ है।
à¤à¤¾à¤·à¤¾ विकास के अंतरà¥à¤—त बोलकर, संकेत के माधà¥à¤¯à¤® से अपने विचारों को पà¥à¤°à¤•ट किया जाता है।
सामाजिक विकास
समाज के अंतरà¥à¤—त रहकर सामाजिक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ को सीखना ही सामाजिक विकास का अरà¥à¤¥ है। समाज के अंतरà¥à¤—त बालक चरितà¥à¤° निरà¥à¤®à¤¾à¤£, अचà¥à¤›à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°, सांसà¥à¤•ृतिक, धारà¥à¤®à¤¿à¤• तथा सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास, à¤à¤¾à¤ˆà¤šà¤¾à¤°à¤¾ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ विकास को सीखता है।
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